प्रैक्टिशनर्स कॉर्नर 11623...भारत
पवित्र सुमन 11623…भारत वर्तमान में वह गृहिणी हैं। उन्होंने मनोविज्ञान में बी.एससी. तथा मानव संसाधन (Human Resources) में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने तीन वर्षों तक चिन्मय विद्यालय में अध्यापन किया, जहाँ वे विद्यालय की सह-पाठ्यक्रम एवं सेवा गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से सहभागी रहीं। वे प्रशिक्षित भरतनाट्यम नृत्यांगना तथा कुशल खिलाड़ी हैं। उन्हें नई-नई चीजें सीखना, संगीत सुनना और नए व्यंजन बनाने का प्रयास करना विशेष रूप से पसंद है।
हिंदू परिवार में जन्मी और ईसाई विद्यालय में शिक्षित होने के कारण उनके जीवन में प्रारंभ से ही विविध आध्यात्मिक संस्कारों का समावेश रहा। उनका पालन-पोषण सुदृढ़ आध्यात्मिक मूल्यों, नामस्मरण तथा इस दृढ़ विश्वास के साथ हुआ कि ईश्वर केवल हमारे सच्चे मित्र ही नहीं, बल्कि हमारे सर्वस्व हैं। बचपन में उन्होंने पहली बार साई बाबा के बारे में अपने पड़ोस के घर में होने वाले भजनों के दौरान सुना। किशोरावस्था में उन्होंने स्वामी को स्वप्न में देखा। एक अन्य अवसर पर उनके घर की सीढ़ियों पर स्वामी का एक चित्र रहस्यमय ढंग से मिला। स्वामी की यह तस्वीर आज भी उनके लिए एक अनमोल स्मृति के रूप में सुरक्षित है।
विवाह के पश्चात उन्हें ज्ञात हुआ कि उनके पति भी स्वामी के समर्पित भक्त हैं। दोनों ने साथ मिलकर व्हाइटफील्ड में स्वामी के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास किया। वहीं उन्हें पहली बार स्वामी का दर्शन हुआ—एक ऐसा अनुभव जिसने उनके हृदय को गहराई से स्पर्श किया। कुछ समय पश्चात उन्हें एक स्वप्न आया, जिसमें स्वामी भगवान वेंकटेश्वर के रूप में प्रकट हुए और प्रेमपूर्वक उन्हें पाद-नमस्कार प्रदान किया। आज पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें अनुभव होता है कि उनके जीवन के प्रत्येक चरण में स्वामी का अदृश्य करुणामय हाथ उनका मार्गदर्शन करता रहा है। जीवन की हर परिस्थिति में वे उन्हें उनकी दिव्य उपस्थिति और संरक्षण का निरंतर आश्वासन देते रहे हैं।
उनके जीवन में स्वामी की दिव्य उपस्थिति और संरक्षण का यह अनुभव निरंतर बना रहा है। स्वभाव से ही करुणामयी होने के कारण उन्हें सदैव दूसरों की सेवा करने में आनंद मिलता रहा है। वे अपने साई समिति में नियमित रूप से सेवा कार्यों में सहभागी होती हैं तथा हैदराबाद के शिवम् में भी अक्सर सेवक दल (Sevadal) के रूप में अपनी सेवाएँ देती हैं। एक दिन उन्होंने स्वामी से हृदयपूर्वक प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने एक विनम्र साधन के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान करें। लगभग उसी समय उनके मोबाइल फोन पर डॉ. अग्रवाल के Souljourns वीडियो से संबंधित एक सूचना (notification) दिखाई दी। वीडियो देखने के बाद जब उन्होंने आँखें बंद कीं, तो उन्हें स्वामी का एक अत्यंत स्पष्ट एवं जीवंत दिव्य दर्शन हुआ। स्वामी उनके सामने खड़े थे और उनके चारों ओर तेजस्वी केसरिया आभा प्रकाशित हो रही थी। स्वामी ने उनकी ओर सीधे देखते हुए बार-बार कहा,“You do this seva.”स्वामी की उपस्थिति इतनी सजीव और प्रत्यक्ष अनुभव हुई कि उन्हें तनिक भी संदेह नहीं रहा कि स्वयं स्वामी ही उन्हें साई वाइब्रॉनिक्स सेवा की ओर निर्देशित कर रहे थे।
उन्होंने अप्रैल 2020 में AVP तथा 2025 में VP के रूप में योग्यता प्राप्त की। अब तक वे लगभग 700–800 रोगियों को उपचार प्रदान कर चुकी हैं। इनमें से अनेक नए रोगी उन रोगियों के माध्यम से आए, जिन्हें पहले उनके उपचार से लाभ मिला था।वे एक विशेष घटना को आज भी स्नेहपूर्वक याद करती हैं। एक रोगी ने अपने और अपनी बहन के लिए अपॉइंटमेंट लिया था, लेकिन जब वह शाम को आई तो उसके साथ परिवार के अनेक सदस्य भी थे। परिवार में 2 वर्ष से लेकर 74 वर्ष तक की आयु के कुल 12 सदस्य उनके साथ आए। उन्होंने सभी को उपचार दिया और सभी को अच्छे परिणाम प्राप्त हुए।उनके लिए साई वाइब्रॉनिक्स स्वामी के जीवन में दिए गए महान आशीर्वादों में से एक है। इस सेवा ने न केवल उनके जीवन को एक गहरा उद्देश्य प्रदान किया है, बल्कि उन्हें स्वामी के और अधिक निकट आने तथा उनकी दिव्य उपस्थिति को अनुभव करने का अवसर भी दिया है।
उन्होंने COVID-19 महामारी के प्रारंभिक दौर में AVP के रूप में अपनी सेवा-यात्रा आरंभ की। उस समय उन्होंने स्वामी से सही मार्गदर्शन और दिशा देने के लिए गहन प्रार्थना की। देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद स्वामी की कृपा से रोगी उनके पास आते रहे। वे रोगियों से फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से परामर्श करती थीं, जबकि रेमेडीज़ डाक द्वारा भेजी जाती थीं। इस दौरान उनके मेंटर ने उन्हें अमूल्य मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और निरंतर सहयोग प्रदान किया।लॉकडाउन के दौरान घटी एक घटना ने वाइब्रॉनिक्स के प्रति उनकी श्रद्धा को और भी दृढ़ कर दिया। उनके 45 वर्षीय पति को अचानक तेज बुखार के साथ गुदा के आसपास अत्यधिक दर्द और सूजन होने लगी। उन्होंने उन्हें CC4.4 Constipation + CC9.2 Infections acute…6TD पानी में देकर तथा प्रभावित स्थान पर इसका बाहरी प्रयोग कराया। उपचार के तुरंत बाद उन्हें दर्द में उल्लेखनीय राहत मिली और बुखार भी कम हो गया। अगले ही दिन सुबह तक वे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके थे। यह अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और इससे वाइब्रॉनिक्स उपचार की प्रभावशीलता तथा स्वामी की कृपा में उनका विश्वास और अधिक गहरा हुआ।
दिसंबर 2020 में उनकी 63 वर्षीय माता के स्तन में एक गाँठ का पता चला। जनवरी 2021 में बायोप्सी द्वारा इसे स्टेज II कार्सिनोमा के रूप में पुष्टि की गई। प्रारंभ में उनकी माता ने शल्य-चिकित्सा कराने से इनकार कर दिया और उन्होंने वाइब्रॉनिक्स उपचार प्रारंभ किया: CC2.1 Cancers – all + CC2.2 Cancer pain + CC2.3 Tumours & Growths + CC8.3 Breast disorders + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic अप्रैल 2021 में उन्हें निप्पल से रक्तस्रावयुक्त स्राव, पपड़ी बनना, घाव तथा खुजली जैसे लक्षण विकसित हुए। इसके बाद CC21.11 Wounds & Abrasions को उपचार में जोड़ा गया। अक्टूबर तक बताए गए सभी लक्षण समाप्त हो गए। बाद में उनकी माता ने शल्य-चिकित्सा तथा रेडिएशन उपचार कराया। इस पूरी अवधि के दौरान वाइब्रॉनिक्स उपचार उनके लिए निरंतर सहयोग और आराम का माध्यम बना रहा। है।
कई अवसरों पर उन्हें ऐसा अनुभव हुआ है कि विशिष्ट रेमेडीज़ निर्धारित करने के लिए उन्हें भीतर से दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कुछ रोगियों ने भी ऐसे स्वप्न साझा किए हैं, जिनमें स्वामी ने उन्हें वाइब्रॉनिक्स उपचार लेने के लिए प्रेरित किया। वाइब्रॉनिक्स से लाभ प्राप्त करने के पश्चात अनेक रोगियों में स्वामी के प्रति श्रद्धा और भक्ति और अधिक गहरी हुई तथा वे अब सक्रिय रूप से सेवा-कार्यों में सहभागी हो रहे हैं। उन्होंने स्वामी के चित्र, अपनी भजन-पुस्तिका तथा रेमेडी की बोतलों पर विभूति प्रकट होने के अनुभव भी देखे हैं, जिन्हें वे स्वामी की कृपा के रूप में अनुभव करती हैं।
उनके द्वारा किए गए अनेक उपचारों में से एक विशेष रूप से स्मरणीय अनुभव उनकी 96 वर्षीय बड़ी मौसी का है, जो लगभग छह महीनों से अनिद्रा से पीड़ित थीं। मई 2022 में उन्हें CC15.6 Sleep disorders दिया गया। डॉक्टर की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा करते हुए उन्होंने रेमेडी की बंद बोतल को रात में सोते समय अपने तकिए के नीचे रख दिया। उस रात वे कई महीनों में पहली बार गहरी और शांतिपूर्ण नींद सोईं। इतना ही नहीं, उस रात उन्हें शौचालय जाने के लिए भी नहीं उठना पड़ा। बाद में उन्होंने बिना एक भी गोली लिए पूर्ण स्वस्थता का अनुभव किया।
मार्च 2024 में एक अन्य घटना में, विदेश में रहने वाली 18 माह की एक बच्ची को नए खाद्य पदार्थ के प्रति असहिष्णुता के कारण गंभीर अपच के साथ उल्टी और दस्त होने लगे। डॉक्टर द्वारा दी गई दवा से उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बच्ची के दादा भारत से विदेश की यात्रा कर रहे थे। उन्होंने प्रैक्टिशनर से निम्न रेमेडी प्राप्त की: CC4.2 Liver & Gallbladder tonic + CC4.6 Diarrhoea + CC4.8 Gastroenteritis + CC4.10 Indigestion अगले दिन घर पहुँचने पर उन्होंने बच्ची को सीधे एक गोली दी। परिवार के आश्चर्य और राहत के लिए, रेमेडी देने के तुरंत बाद उसकी स्थिति में सुधार दिखाई देने लगा। केवल एक गोली के बाद ही दस्त, उल्टी और कमजोरी समाप्त हो गई।बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने से पूरे परिवार को अत्यंत राहत मिली और इस अनुभव ने उनके लिए वाइब्रॉनिक्स सेवा के प्रति विश्वास एवं कृतज्ञता को और गहरा किया।
अप्रैल 2025 में एक निराश 38 वर्षीय महिला ने उनसे संपर्क किया, जो IVF के दो असफल प्रयासों से गुजर चुकी थीं। उन्हें CC8.2 Pregnancy tonic + CC10.1 Emergencies + CC15.1 Mental & Emotional tonic दिया गया। दो महीने के भीतर उन्होंने स्वाभाविक रूप से गर्भधारण किया और बाद में स्वस्थ जुड़वाँ बच्चों को जन्म दिया। प्रैक्टिशनर को बांझपन के एक अन्य मामले में भी सफल परिणाम प्राप्त हुआ।
उन्होंने रोगियों को व्यापक लाभ पहुँचाने वाले कई कॉम्बिनेशन्स तैयार किए हैं। उनका Elderly Tonic—CC3.1 Heart tonic + CC4.1 Digestion tonic + CC7.1 Eye tonic + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic + CC13.1 Kidney & Bladder tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC18.1 Brain disabilities + CC19.1 Chest tonic + CC20.1 SMJ tonic + CC21.1 Skin tonic—से 20 से अधिक वृद्ध रोगियों के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण में सुधार देखा गया। इसी प्रकार, मासिक धर्म की अनियमितता से पीड़ित 30–40 महिलाओं को उनके द्वारा तैयार किए गए कॉम्बिनेशन CC8.4 Ovaries & Uterus + CC8.8 Menses irregular + CC15.1 Mental & Emotional tonic से लाभ प्राप्त हुआ।
वे वाइब्रॉनिक्स शिविरों के माध्यम से सेवा करने तथा साथी प्रैक्टिशनर्स के सहयोग में मिलने वाले प्रत्येक अवसर को स्वामी का आशीर्वाद मानती हैं। रोगियों की पीड़ा और उनकी बातों को वे गहरी संवेदनशीलता एवं सहानुभूति के साथ सुनती हैं और जहाँ कहीं भी स्वामी उन्हें सेवा के लिए प्रेरित करते हैं, वहाँ स्वयं को उनके कार्य के लिए तत्पर रखने का प्रयास करती हैं। वाइब्रॉनिक्स उनके लिए अब केवल सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि उनके जीवन की साधना बन चुका है। इस यात्रा ने उनके भीतर धैर्य, करुणा, क्षमा और निःशर्त प्रेम को निरंतर विकसित किया है। प्रत्येक रोगी, प्रत्येक सेवा-अवसर और प्रत्येक अनुभव उन्हें स्वामी के और निकट ले जाता है।
अनुकरणीय उपचार: