साई व्हाइब्रियोनिक्स पत्रिका

" जब आप किसी हतोत्साहित, निराष या रोग ग्रस्त व्यक्ति को देखते हो, वहीं आपका सेवा क्षेत्र है " Sri Sathya Sai Baba
Hands Reaching Out

प्रैक्टिशनर्स कॉर्नर 11668...भारत


एम. गोपालकृष्णन11668…भारत, गणित में MSc करने के बाद श्री एम. गोपालकृष्णन ने एक निजी बैंक में 31 वर्षों तक सेवा की। उन्होंने क्लर्क के रूप में अपनी नौकरी शुरू की और धीरे-धीरे मध्य-स्तरीय प्रबंधन तक पहुँचे। वर्ष 2006 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने अपना अधिक समय साईं सेवा में लगाना शुरू किया।

स्वामी से उनका जुड़ाव वर्ष 1980 में उनके जीवन के एक कठिन दौर के दौरान हुआ। अपने मन की परेशानी उन्होंने अपने मामा से साझा की। यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। उनके मामा ने उन्हें स्वामी का एक छोटा-सा फोटो और विभूति देते हुए सलाह दी कि वे अपनी सभी चिंताएँ भगवान के चरणों में समर्पित कर दें। स्वामी से हृदयपूर्वक प्रार्थना करने के बाद उनकी वह नौकरी स्थानांतरण की समस्या, जो उन्हें बहुत परेशान कर रही थी, अनुकूल रूप से हल हो गई। इस अनुभव से उनका स्वामी के प्रति विश्वास और गहरा हुआ तथा वे साईं के और निकट आते गए।समय के साथ वे विभिन्न साईं गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने लगे। उन्होंने भजनों और नगर संकीर्तन में भाग लिया। वर्ष 1991 में प्रशांति सेवा के दौरान उन्हें पद-नमस्कार का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने साईं संगठन में अपनी भागीदारी और अधिक बढ़ाई। वे नियमित रूप से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सेवा करते रहे और बाल विकास गुरु, समिति संयोजक तथा जिला आध्यात्मिक समन्वयक जैसी विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं।

वर्ष 2023 में प्रशांति सेवा के दौरान उनका साईं वाइब्रियोनिक्स से अप्रत्याशित रूप से परिचय हुआ। उन्हें तेज सर्दी-जुकाम और खाँसी के लिए वाइब्रियोनिक्स उपचार दिया गया, जिससे उन्हें बहुत जल्दी राहत मिली। वाइब्रियोनिक्स की प्रभावशीलता से प्रभावित होकर और उनका उपचार करने वाले प्रैक्टिशनर 11639 के प्रोत्साहन से उन्होंने वाइब्रियोनिक्स का कोर्स करने का निर्णय लिया। उन्होंने अप्रैल 2024 में AVP के रूप में योग्यता प्राप्त की। अपने मेंटर 11568 के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे अपना अभ्यास विकसित किया, आवश्यक मानदंड पूरे किए और मार्च 2025 में VP के रूप में सफलतापूर्वक योग्यता प्राप्त की।

तब से वे 200 से अधिक रोगियों का उपचार कर चुके हैं। इनमें उनके रिश्तेदार, मित्र, साईं भक्त तथा स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हैं। वे जिन समस्याओं का सबसे अधिक सामना करते हैं, उनमें शामिल हैं: इनमें घुटने, पीठ और कोहनी का दर्द, नाक बंद होना, गले में खराश, सिरदर्द और बुखार शामिल हैं। तीन मरीज़, जिनमें नाक बंद होने, गले में खराश, सिरदर्द, बुखार, सांस लेने में घरघराहट और थकान जैसे लक्षण थे, उन सभी पर निम्न

कॉम्बिनेशन का बहुत अच्छा असर हुआ:

 CC9.2 Infections acute + CC11.3 Headaches + CC11.4 Migraines + CC12.1 Adult tonic + CC19.3 Chest infections chronic + CC19.5 Sinusitis + CC19.7 Throat chronic.

प्रैक्टिशनर का अनुभव है कि वाइब्रियोनिक्स प्रैक्टिशनर बनना उनके अपने जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लेकर आया है।अब वे अपने दैनिक जीवन के प्रत्येक कार्य को प्रेम से करने और उसे स्वामी को समर्पित करने का प्रयास करते हैं। रोगियों को रेमेडी देने से पहले वे प्रत्येक रोगी के लिए प्रार्थना करते हैं, भगवान का नाम जपते हैं और उन्हें सेवा का अवसर देने के लिए स्वामी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। रोगियों को राहत और स्वस्थ होते देख उन्हें अत्यंत आनंद मिलता है। इससे उनका यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि स्वामी ही वास्तविक उपचारकर्ता हैं और हम प्रैक्टिशनर केवल उनके साधन (instruments) हैं।

अनुकरणीय उपचार: