पैर के नाखून की चोट 11658...भारत
एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने जुलाई 2025 के अंतिम सप्ताह में घर बदलते समय गलती से अपने दाहिने पैर के बड़े अंगूठे को एक अलमारी से टकरा लिया। शुरुआत में दर्द हल्का था, इसलिए उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
लेकिन अगले 2–3 सप्ताह में उनके पैर के अंगूठे के नाखून में बदलाव आने लगा। नाखून काला पड़ गया, मोटा हो गया, क्षतिग्रस्त दिखाई देने लगा और अस्वस्थ दिख रहा था। नाखून के आसपास की त्वचा में सूजन और लालिमा आ गई तथा वहाँ मवाद (pus) भी बनने लगा। इससे उन्हें काफी परेशानी होने लगी और चलने में भी कठिनाई होने लगी।उन्हें लगा कि यह केवल त्वचा की एक छोटी-मोटी समस्या है, इसलिए उन्होंने डॉक्टर से उपचार नहीं लिया। उन्होंने केवल सादा नारियल तेल लगाकर इसे ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन इससे बहुत कम राहत मिली। सेवानिवृत्त होने के कारण वे अधिकतर घर पर ही रहते थे और बाहर निकलने से भी बचते थे।
16 अक्टूबर 2025 को वे एक वाइब्रियोनिक्स कैंप में पहुँचे। उन्हें उम्मीद थी कि वहाँ उन्हें त्वचा के लिए कोई एलोपैथिक क्रीम मिलेगी। जब उन्हें संक्षेप में साईं वाइब्रियोनिक्स के बारे में समझाया गया, तो उन्होंने तुरंत बाहरी उपयोग के लिए वाइब्रियोनिक्स रेमेडी आज़माने की सहमति दे दी।
प्रैक्टिशनर ने निम्नलिखित रेमेडी तैयार की:
CC21.7 Fungus + CC21.9 Nails…TDS iबाहरी इस्तेमाल के लिए पेट्रोलियम जेली में।
उपचार की प्रगति :
- 19 अक्टूबर 2025: केवल 3 दिनों के भीतर दर्द, सूजन, मवाद और असहजता में लगभग 75% सुधार हुआ। यह बहुत तेजी से हुआ उल्लेखनीय सुधार था।
- 24 अक्टूबर 2025: दर्द, सूजन और मवाद पूरी तरह समाप्त हो गए। नाखून के रंग में भी लगभग 50% सुधार हुआ। रोगी ने स्वयं अपनी स्थिति के दो फोटो भेजे, जो यहाँ संलग्न हैं।
- 4 नवंबर 2025 रेमेडी समाप्त होने के बाद उपचार बंद कर दिया गया।
- 20 फ़रवरी 2026: नाखून पूरी तरह दोबारा बढ़कर स्वस्थ हो गया। (इसकी तस्वीर 30 मई को ली गई थी।
जून 2026 तक नाखून पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ है।
Before treatment During treatment After treatment