डॉ. जीत के अग्रवाल की कलम से
Vol 17 अंक 4
जुलाई/अगस्त 2026
प्रिय प्रैक्टीशनर्स,
भगवान श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी वर्ष की इस पावन यात्रा में, जब हम गुरु पूर्णिमा के पवित्र अवसर की ओर बढ़ रहे हैं, हमारा हृदय साईं वाइब्रियोनिक्स के माध्यम से उनके दिव्य मिशन में सहभागी होने के इस महान सौभाग्य के लिए कृतज्ञता से भर जाता है। यह समय है आत्मचिंतन, कृतज्ञता और नव-संकल्प का—अपने सदगुरु की उस असीम कृपा को स्मरण करने का, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है और अपने प्रेम से हमारे जीवन को रूपांतरित करती है।.
स्वामी हमें स्मरण कराते हैं कि प्रत्येक आध्यात्मिक प्रगति की नींव प्रेम है:“जहाँ आत्मविश्वास है, वहाँ प्रेम है; जहाँ प्रेम है, वहाँ शांति है; जहाँ शांति है, वहाँ सत्य है; जहाँ सत्य है, वहाँ आनंद है; जहाँ आनंद है, वहाँ ईश्वर है। शांति, सत्य और आनंद कहीं बाहर नहीं हैं; आप स्वयं शांति, सत्य और आनंद के स्वरूप हैं। उन्हें बाहरी संसार में खोजना मूर्खता है। आपसे अलग कुछ भी अस्तित्व में नहीं है। प्रत्येक वस्तु आपके आंतरिक स्वरूप का प्रतिबिंब है। जैसे आप दर्पण में अपना प्रतिबिंब देखते हैं, वैसे ही प्रत्येक व्यक्ति में अपना प्रतिबिंब देखने का प्रयास करें… यदि आप प्रेम के सिद्धांत का पालन नहीं करते, तो आपकी सभी आध्यात्मिक साधनाएँ व्यर्थ सिद्ध होंगी।…Sri Sathya Sai Baba, Guru Purnima, 16 July 2000. Sri Sathya Sai Speaks, Vol 33 (2000)
ये दिव्य वचन गुरु पूर्णिमा के वास्तविक भाव को अत्यंत सुंदर ढंग से व्यक्त करते हैं। गुरु के प्रति हमारी कृतज्ञता केवल उनकी पूजा करने से नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में उतारकर सर्वोत्तम रूप से व्यक्त होती है। साईं वाइब्रियोनिक्स प्रैक्टिशनर के रूप में हमें रोगियों के साथ अपने व्यवहार, साथी प्रैक्टिशनरों के सहयोग और इस दिव्य मिशन के प्रति अपनी निष्ठा के माध्यम से इन शिक्षाओं को जीने के असंख्य अवसर प्राप्त होते हैं।
हमें यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि बड़ी संख्या में प्रैक्टिशनरों ने 30–31 मई 2026 को आयोजित प्रथम ओपन वर्चुअल ग्लोबल वार्षिक साईं वाइब्रियोनिक्स रिफ्रेशर में भाग लिया। हमारे एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा इस कार्यक्रम को अत्यंत विचारपूर्वक तैयार और कुशलतापूर्वक संचालित किया गया। इसमें लगभग 120 प्रैक्टिशनरों ने भाग लिया और सभी को सीखने, आत्मचिंतन करने तथा अपनी सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को नए सिरे से मजबूत करने का मूल्यवान अवसर मिला। प्रतिभागियों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया विशेष रूप से उत्साहवर्धक रही। विशेष रूप से, SVIRT के विश्वव्यापी कार्य को सहयोग देने वाले नौ विभागों का परिचय कराने वाली प्रस्तुतियों को काफी सराहा गया।
इन विभागों—विशेषकर Education और Information Technology—के प्रभावी संचालन के लिए समर्पित प्रैक्टिशनरों की आवश्यकता है। यह समय वाइब्रियोनिक्स के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और गहरा करने तथा इसके निरंतर विकास में सहयोग देने का उपयुक्त अवसर है। जो प्रैक्टिशनर अपनी योग्यता और विशेषज्ञता के माध्यम से योगदान देना चाहते हैं, उनका इस महत्वपूर्ण सेवा में सादर स्वागत है। इच्छुक प्रैक्टिशनर हमें [email protected] पर ईमेल कर सकते हैं। आपका सहयोग अत्यंत मूल्यवान होगा।
हमारे प्रैक्टिशनर समुदाय को और मजबूत करने के लिए Regional Coordinators को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे प्रत्येक माह एक निश्चित दिन पर मासिक बैठक आयोजित करें। ये बैठकें ज्ञान साझा करने, SVIRT के दिशानिर्देशों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों पर चर्चा करने तथा सेवा के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान खोजने के लिए उपयोगी मंच बन सकती हैं। मार्गदर्शन और सहयोग के लिए वरिष्ठ शिक्षकों को भी आमंत्रित किया जा सकता है। ऐसी बैठकें वार्षिक रिफ्रेशर कार्यक्रम की पूरक बनकर प्रैक्टिशनर समुदाय के बीच और अधिक मजबूत संबंध विकसित करने में सहायक होंगी।
हम प्रैक्टिशनरों को यह भी स्मरण कराना चाहते हैं कि VP और SVP कार्यक्रमों में प्रवेश एक सावधानीपूर्वक एवं विस्तृत समीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से होता है। इसमें Admissions Committee द्वारा पर्याप्त समय, चर्चा और सामूहिक विचार-विमर्श की आवश्यकता होती है। अतः सभी आवेदकों से अनुरोध है कि वे इस प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करें तथा निर्णयों को समझदारी, धैर्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करें।
सितंबर 2026 में दिल्ली में AP Hindi Workshop आयोजित करने की योजना है। प्रैक्टिशनरों से अनुरोध है कि वे ऐसे उपयुक्त उम्मीदवारों की अनुशंसा करें, जो इस पवित्र सेवा को अपनाने में रुचि रखते हों। अधिक जानकारी के लिए [email protected]. पर ईमेल किया जा सकता है।
प्रत्येक प्रैक्टिशनर के लिए हर वर्ष ऑनलाइन Renewal Form जमा करना अनिवार्य है, चाहे subscription payment की स्थिति कुछ भी हो। Renewal Form भरना केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है; यह उस सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी स्मरण कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे अपनाने का संकल्प हमने प्रैक्टिशनर बनने के समय लिया था। जिन प्रैक्टिशनरों का वार्षिक renewal अभी लंबित है, उनसे हमारा आग्रह है कि वे इसे यथाशीघ्र पूरा करें। समय पर renewal पूरा होने से विश्वभर में हमारी educational, administrative और service activities के सुचारु संचालन में सहायता मिलती है।
जैसे-जैसे गुरु पूर्णिमा का पावन अवसर निकट आ रहा है, आइए हम अपने प्रिय गुरु के समक्ष लिए गए सेवा के संकल्प को पुनः स्मरण और नवीनीकृत करें। उनके इन स्वर्णिम वचनों को अपने हृदय में धारण करें:
“आपको प्रेम से कार्य करना चाहिए। प्रेम औषधियों से अधिक महत्वपूर्ण है। प्रेम ही ईश्वर है। प्रेम में जिएँ… आपको केवल रोगियों का अच्छी तरह उपचार ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी बीमारी के कारण को भी पहचानना चाहिए; यह भी जानने का प्रयास करना चाहिए कि उन्हें यह बीमारी कैसे, कहाँ और क्यों हुई।”…Sri Sathya Sai Baba, 19 Dec 2009, Prasanthi Nilayam. https://saispeaks.sathyasai.org/discourse/divine-message-doctors
वे हमें मार्गदर्शन, प्रेरणा और शक्ति देते रहें, ताकि हम और अधिक प्रेम, विनम्रता, समर्पण और निष्ठा के साथ सेवा कर सकें।
साई की प्रेमपूर्ण सेवा में,
जीत के. अग्रवाल