साई व्हाइब्रियोनिक्स पत्रिका

" जब आप किसी हतोत्साहित, निराष या रोग ग्रस्त व्यक्ति को देखते हो, वहीं आपका सेवा क्षेत्र है " Sri Sathya Sai Baba
Hands Reaching Out

दिव्य चिकिसक के दिव्य वचन

Vol 16 अंक 6
नवंबर/दिसंबर 2025


"बुरी आदतें खराब सेहत की जड़ हैं; इसलिए बुरी आदतों को पूरी तरह छोड़ दें। जहाँ छोटे बच्चों के गाल गोल-मटोल होने चाहिए, वहीं आज आप सिकुड़े हुए चेहरे देखते हैं। आपको अच्छी सेहत बनानी चाहिए। अच्छी सेहत आपको अच्छे काम करने में मदद करती है। आपको ऐसे कामों से खुशी मिलेगी। इस तरह खुशी अच्छी सेहत का नतीजा है। इसलिए खुशी पाने के लिए अपनी सेहत का ठीक से ख्याल रखें। खुशी आपकी सबसे बड़ी दौलत है। सेहत आपकी सबसे बड़ी दौलत है।"

    …Sathya Sai Baba, “Health is Wealth” Divine Discourse, Summer Showers, 27 May 2002

     https://sssbpt.info/summershowers/ss2002d12.pdf

 

“समाज लोगों के एक साथ आने से बनता है। समाज में लोगों के बीच आपसी सहयोग, जो अपने आप और नेक इरादों से होता है, वही सेवा की पहचान है। सेवा को दो बुनियादी विशेषताओं से पहचाना जा सकता है: दया और त्याग की भावना।

     …Sathya Sai Baba, Lessons on Seva Sadhana, Divine Discourse, Sevadal Conference, 19 Nov 1981

       https://www.ssssahitya.org/discourses/1981/lessons-on-seva-sadhana